आखिर साढ़े साती क्या है? इसका जातक के जीवन पर कैसे प्रभाव पड़ता है ? किस राशि के जातक के लिए साढ़े साती अच्छी रहेगी ? | Astrologer Abhishek Soni

आखिर साढ़े साती क्या है? इसका जातक के जीवन पर कैसे प्रभाव पड़ता है ? किस राशि के जातक के लिए साढ़े साती अच्छी रहेगी ?

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साढ़े साती जी हां सुन कर घबराये नहीं। कई भय ,साढ़े साती के नाम पर लोगों के मन में भर दिए जाते है। साढ़े साती हमेशा ख़राब नहीं होती। अलग अलग जातक और उनकी कुंडलियों के हिसाब से साढ़े साती अच्छे या बुरे परिणाम देती है । आपकी जन्म कुंडली और शनि का, किस घर में क्या स्थान है ? ये सारी स्तिथियाँ जानना महत्वपूर्ण है। कई बार साढ़े साती जब मनुष्य पर आती है तो उसको मानसिक त्रास देती है। कभी इंसान को नौकरी या बिज़नेस में बड़े घाटों से गुजरना पड़ता है। कभी किसी न किसी कारणों से उसे खुद के परिवार वालों से विरोध झेलना पड़ता है।

ज्योतिष विद्या के अनुसार माने तो , जब शनि विचरण करते हुए चन्द्रमा से 12 वे स्थान पर या 2 रे स्थान पर आजाते है, तब से इंसान की साढ़े साती की शुरुआत होजाती है। और साढ़े साती का समापन तब होता है जब वे 2 रे स्थान से निकल जाते है।

अब जैसा के हम सभी जानते है के वृश्चिक राशि ,धनु राशि और मकर राशि में शनि देव की साढ़े साती चल रही है। और वृषभ राशि और कन्या राशि शनि की ढैया से गुजर रही है। जो गोचर 24 जनवरी 2020 को शनि देव का धनु से मकर राशि में हुआ है। मकर राशि के लिए ये गोचर बहुत ही लाभ दायक है क्यूंकि शनि देव की मुख्य राशि में से एक मकर है। 24 जनवरी 2020 को वृश्चिक और धनु राशि से साढ़े साती हट गयी है। यदि शनि आपकी जन्म कुंडली में नीच के नहीं है और जातक की राशि या तो वृश्चिक या धनु है तो आपके लिए समय अच्छा रहेगा। स्वास्थ्य में सुधार होंगे। मानसिक पीड़ा ,तनाव कम होगा।

शनि देव के स्वाभाव की बात करें तो शनि देव न्यायप्रिय और अनुशासनप्रिय है। शनि की साढ़े साती के वक़्त इंसान का धैर्य और अनुशासन परीक्षण होता है ,इसलिए साढ़े साती वाले जातक को घबराने की जरूरत नहीं है।

बस आपके कर्म अच्छे रहेंगे तो निश्चित ही आप पर बहुत ज्यादा संकट नहीं आएंगे । विशेष तौर पर किसी गरीब या अपंग के साथ अच्छा व्यवहार रखेंगे, उन्हें शारीरिक या मानसिक पीड़ा नहीं पहुंचाएंगे तो शनि देव आपसे रुष्ट नहीं होंगे। इसलिए जातक को अच्छे कर्म और दान धर्म पर चलना चाहिए जिससे साढ़े साती के समय उन पर घोर संकट या विपत्ति ना आये।

यदि आप साढ़े साती से ज्यादा परेशान है या आपकी कुंडली में शनि देव का स्थान अच्छा नहीं है ,तो हर शनिवार तिल के तेल का दिया जला कर हनुमान चालीसा का पाठ करें। साथ ही गरीब या निम्न कर्मचारी वर्ग का विशेष ध्यान रखें। उन्हें आपके द्वारा , मन वचन या कर्म से कोई हानि न पहुँचाये। इससे शनि देव की कृपा होना शुरू होजायेगी।

 

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