2026 प्रेम विवाह: शुभ मुहूर्त, बाधा दूर करने के अचूक उपाय।
नमस्कार प्रिय पाठकों और मेरे प्यारे दोस्तों! मैं अभिषेक सोनी, abhisheksoni.in पर आप सभी का हार्दिक स्वागत करता हूँ। आज हम एक ऐसे विषय पर बात करने जा रहे हैं जो कई दिलों की धड़कन है – प्रेम विवाह। और ज...
नमस्कार प्रिय पाठकों और मेरे प्यारे दोस्तों! मैं अभिषेक सोनी, abhisheksoni.in पर आप सभी का हार्दिक स्वागत करता हूँ। आज हम एक ऐसे विषय पर बात करने जा रहे हैं जो कई दिलों की धड़कन है – प्रेम विवाह। और जब बात आती है प्रेम विवाह की, तो हर कोई चाहता है कि उसका रिश्ता न केवल सफल हो, बल्कि शुभता और परिवार के आशीर्वाद से भरा हो। विशेषकर 2026 में जो जोड़े प्रेम विवाह के बंधन में बंधने की सोच रहे हैं, उनके मन में कई प्रश्न होते हैं: 'क्या हमारे लिए शुभ मुहूर्त होंगे?', 'क्या कोई बाधा तो नहीं आएगी?', 'उन्हें कैसे दूर किया जाए?'
आज इस ब्लॉग पोस्ट में, मैं एक अनुभवी ज्योतिषी के रूप में आपके इन्हीं सवालों का जवाब दूंगा। हम 2026 में प्रेम विवाह के लिए शुभ मुहूर्तों पर चर्चा करेंगे, साथ ही उन ज्योतिषीय बाधाओं को समझेंगे जो अक्सर प्रेम विवाह में आती हैं, और सबसे महत्वपूर्ण, उन बाधाओं को दूर करने के अचूक उपायों पर भी प्रकाश डालेंगे। मेरा विश्वास है कि ज्योतिष केवल ग्रहों की चाल का अध्ययन नहीं है, बल्कि यह हमें जीवन की राह में आने वाली चुनौतियों का सामना करने और उनसे पार पाने का मार्गदर्शन भी देता है।
तो, तैयार हो जाइए, अपनी कुंडली के रहस्यों को थोड़ा और समझने के लिए और अपने प्रेम को विवाह के अटूट बंधन में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने के लिए।
प्रेम विवाह: ज्योतिषीय दृष्टिकोण और उसका महत्व
प्रेम विवाह, जिसे आज के समय में 'लव मैरिज' के नाम से जाना जाता है, अब समाज में काफी हद तक स्वीकार्य हो गया है। लेकिन इसके बावजूद, कई बार जोड़ों को परिवार की असहमति, सामाजिक दबाव या अन्य अज्ञात कारणों से चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ज्योतिष में, प्रेम विवाह को केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो आत्माओं और उनके कर्मों का संगम माना जाता है। ग्रहों की स्थिति, भावों का प्रभाव और दशाएं इस बात पर गहरा असर डालती हैं कि आपका प्रेम संबंध विवाह में परिणित होगा या नहीं और यदि होगा, तो कितना सहजता से होगा।
ज्योतिष हमें इन बाधाओं को पहचानने और उन्हें दूर करने के लिए सही दिशा में प्रयास करने में मदद करता है। यह हमें सही समय (शुभ मुहूर्त) का चुनाव करने का ज्ञान भी देता है, ताकि हमारा वैवाहिक जीवन सुखमय और समृद्ध हो।
2026 में प्रेम विवाह के लिए शुभ मुहूर्त: समय का सही चुनाव
किसी भी शुभ कार्य के लिए, विशेषकर विवाह जैसे महत्वपूर्ण संस्कार के लिए, शुभ मुहूर्त का चुनाव अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। ज्योतिषीय दृष्टि से, शुभ मुहूर्त वह समय होता है जब ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति इतनी अनुकूल होती है कि वह कार्य बिना किसी विघ्न के संपन्न होता है और उसके परिणाम भी शुभ होते हैं। प्रेम विवाह के लिए शुभ मुहूर्त का अर्थ है वह समय जब आपके रिश्ते को ग्रहों का पूर्ण आशीर्वाद मिले, जिससे परिवार की सहमति मिलने और भविष्य में सुखमय जीवन की संभावना बढ़ जाए।
शुभ मुहूर्त का महत्व
- सकारात्मक ऊर्जा: शुभ मुहूर्त में किया गया कार्य सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है।
- बाधा रहित कार्य: यह सुनिश्चित करता है कि कार्य बिना किसी बड़ी बाधा के पूरा हो।
- उत्तम परिणाम: ऐसे समय में शुरू किया गया रिश्ता मजबूत और सफल होता है।
- पारिवारिक स्वीकृति: शुभ ऊर्जा परिवार को भी सहमति देने के लिए प्रेरित करती है।
2026 में प्रेम विवाह के लिए सामान्य शुभ अवधियां
2026 में प्रेम विवाह के लिए कुछ अवधियां ज्योतिषीय रूप से विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होती हैं। हालांकि, मैं हमेशा सलाह देता हूं कि अपनी व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार ही सटीक मुहूर्त का चयन करें, लेकिन एक सामान्य विचार के लिए, कुछ शुभ महीनों और अवधियों पर हम चर्चा कर सकते हैं। आमतौर पर, जब देवगुरु बृहस्पति और शुक्र ग्रह अपनी उच्च या मित्र राशियों में होते हैं और अस्त नहीं होते, तो वे विवाह के लिए अत्यंत शुभ होते हैं। इसके अलावा, उत्तरायण का समय भी विवाह के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।
- जनवरी 2026: वर्ष की शुरुआत कुछ शुभ दिनों के साथ हो सकती है। इस महीने में सूर्य के उत्तरायण होने से शुभ ऊर्जा बनी रहेगी। कुछ मध्य और अंत के दिन, जब शुक्र अच्छी स्थिति में हो, विवाह के लिए विचारणीय हो सकते हैं।
- फरवरी 2026: वसंत ऋतु की शुरुआत के साथ, फरवरी का महीना भी कुछ शुभ विवाह मुहूर्तों के लिए जाना जाता है। इस महीने में पंचमी तिथि और कुछ विशिष्ट नक्षत्र प्रेम विवाह के लिए बहुत अच्छे होते हैं।
- मार्च 2026: यदि कोई ग्रह अस्त न हो, तो मार्च के मध्य से अंत तक कुछ शुभ तिथियां मिल सकती हैं।
- अप्रैल 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, अप्रैल में अक्षय तृतीया जैसे कुछ अत्यंत शुभ दिन आते हैं, जो बिना किसी मुहूर्त के भी विवाह के लिए शुभ माने जाते हैं। इसके अतिरिक्त, इस महीने में अन्य अनुकूल नक्षत्र भी उपलब्ध हो सकते हैं।
- मई 2026: मई का महीना भी विवाह के लिए अक्सर शुभ माना जाता है। देवगुरु बृहस्पति की स्थिति और कुछ विशेष तिथियां इस महीने को प्रेम विवाह के लिए उत्तम बनाती हैं।
- जून 2026: यदि चतुर्मास शुरू न हुआ हो, तो जून के शुरुआती दिन भी विवाह के लिए अच्छे हो सकते हैं।
- नवंबर 2026: देवोत्थानी एकादशी के बाद, जब देवगुरु बृहस्पति अपनी निद्रा से जागते हैं, तब से विवाह के शुभ मुहूर्त फिर से शुरू हो जाते हैं। नवंबर के अंत में कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध होंगे।
- दिसंबर 2026: साल के अंत में भी कई शुभ विवाह मुहूर्त होते हैं, जब मौसम भी सुहावना होता है और ग्रहों की स्थिति भी अनुकूल होती है।
इन अवधियों से बचें
कुछ अवधियां ऐसी होती हैं जब विवाह जैसे शुभ कार्य से बचना चाहिए। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- गुरु तारा अस्त और शुक्र तारा अस्त: जब गुरु और शुक्र ग्रह अस्त होते हैं, तो उनका शुभ प्रभाव कम हो जाता है, इसलिए इन अवधियों में विवाह से बचना चाहिए।
- चतुर्मास: आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक (लगभग जुलाई से नवंबर) भगवान विष्णु शयन करते हैं, इसलिए इस अवधि में विवाह सहित सभी शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
- मलमास/अधिकमास: हर तीसरे वर्ष आने वाला यह महीना भी शुभ कार्यों के लिए वर्जित होता है।
- खरमास: सूर्य के धनु और मीन राशि में प्रवेश के समय भी विवाह वर्जित होता है।
याद रखें: यह केवल एक सामान्य ज्योतिषीय अवलोकन है। आपकी व्यक्तिगत जन्मतिथि, समय और स्थान के आधार पर सटीक और अनुकूल मुहूर्त के लिए आपको एक अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श लेना अत्यंत आवश्यक है। वे आपकी कुंडली में ग्रहों की स्थिति और दशाओं का विश्लेषण करके सबसे उपयुक्त समय बता सकते हैं।
प्रेम विवाह की बाधाएँ और उनके ज्योतिषीय कारण
प्रेम विवाह में आने वाली बाधाएं केवल बाहरी नहीं होतीं; अक्सर उनकी जड़ें हमारी कुंडली में ग्रहों की विशेष स्थितियों में भी होती हैं। एक ज्योतिषी के रूप में, मैं आपको उन प्रमुख ज्योतिषीय कारणों से अवगत कराना चाहता हूं जो प्रेम विवाह में अड़चनें पैदा कर सकते हैं:
1. ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति
- सप्तम भाव का पीड़ित होना: कुंडली का सप्तम भाव विवाह और वैवाहिक जीवन का होता है। यदि सप्तमेश (सातवें भाव का स्वामी) कमजोर हो, नीच राशि में हो, या पाप ग्रहों (शनि, राहु, केतु, मंगल) से पीड़ित हो, तो विवाह में देरी या बाधाएं आती हैं।
- पंचम भाव का कमजोर होना: पंचम भाव प्रेम संबंधों और रोमांस का होता है। यदि यह भाव कमजोर हो, या इसका स्वामी पीड़ित हो, तो प्रेम संबंध विवाह तक नहीं पहुंच पाते।
- मंगल दोष (Mangal Dosha): यदि मंगल लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में हो, तो मंगल दोष बनता है। यह दोष अक्सर विवाह में देरी, बाधाएं और कभी-कभी जीवनसाथी के साथ सामंजस्य की कमी पैदा करता है। प्रेम विवाह में यह परिवार की असहमति का कारण भी बन सकता है।
- शनि का प्रभाव: शनि ग्रह देरी और कर्मों का कारक है। यदि शनि सप्तम भाव या उसके स्वामी को प्रभावित करता है, तो प्रेम विवाह में लंबी देरी या अनेक बाधाएं आ सकती हैं।
- बृहस्पति की कमजोरी: बृहस्पति विवाह का कारक ग्रह है। यदि यह कमजोर हो या अस्त हो, तो विवाह में बाधाएं आती हैं, खासकर परिवार की सहमति मिलने में।
- राहु-केतु का प्रभाव: राहु और केतु भ्रम और अचानक घटनाओं के कारक हैं। यदि इनका संबंध प्रेम या विवाह के भावों से हो, तो प्रेम विवाह में अप्रत्याशित बाधाएं, गलतफहमियां या सामाजिक विरोध का सामना करना पड़ सकता है।
2. नवमांश कुंडली का महत्व
विवाह के लिए जन्म कुंडली के साथ-साथ नवमांश कुंडली का अध्ययन भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। यदि जन्म कुंडली में प्रेम विवाह के योग हों, लेकिन नवमांश कुंडली में विवाह संबंधी भाव पीड़ित हों, तो प्रेम विवाह में बाधाएं आ सकती हैं या वैवाहिक जीवन में समस्याएं आ सकती हैं।
3. परिवारिक असहमति और सामाजिक दबाव
कई बार ग्रहों की स्थितियां ऐसी होती हैं जो परिवार की सहमति में बाधा डालती हैं। उदाहरण के लिए, यदि सूर्य (पिता का कारक) या चंद्रमा (माता का कारक) विवाह संबंधी भावों से प्रतिकूल संबंध बना रहे हों, तो माता-पिता की असहमति का सामना करना पड़ सकता है। इसी तरह, राहु या शनि का प्रभाव सामाजिक मानदंडों के खिलाफ जाने की प्रवृत्ति पैदा कर सकता है, जिससे सामाजिक दबाव बढ़ता है।
4. कुंडली में योगों का अभाव
कुछ कुंडलियों में प्रेम विवाह के स्पष्ट योग ही नहीं होते, या फिर विवाह के लिए आवश्यक शुभ ग्रहों की स्थिति कमजोर होती है, जिसके कारण प्रयासों के बावजूद सफलता नहीं मिल पाती।
इन सभी कारणों को समझना पहला कदम है। अगला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है इन बाधाओं को दूर करने के लिए ज्योतिषीय उपाय करना।
प्रेम विवाह की बाधाओं को दूर करने के अचूक उपाय
यह जानकर कि बाधाएं कहां से आ रही हैं, हम उन्हें दूर करने के लिए सही दिशा में प्रयास कर सकते हैं। ज्योतिष में ऐसे कई अचूक उपाय हैं जो प्रेम विवाह की राह में आने वाली अड़चनों को दूर करने में सहायक सिद्ध होते हैं। ये उपाय ग्रहों को शांत करने, सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने और आपके संकल्प को मजबूत करने में मदद करते हैं।
1. ग्रह शांति उपाय और पूजा
- बृहस्पति (गुरु) ग्रह के लिए:
- हर गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करें और उन्हें पीले फूल, चंदन और बेसन के लड्डू चढ़ाएं।
- 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें।
- पीले वस्त्र धारण करें और केसर या हल्दी का तिलक लगाएं।
- केले के पेड़ की पूजा करें और जल चढ़ाएं।
- गुरुवार को व्रत रखें और पीली वस्तुओं (जैसे चना दाल, हल्दी, केला) का दान करें।
- यह उपाय परिवार की सहमति और विवाह में आने वाली देरी को दूर करने में मदद करता है।
- शुक्र ग्रह के लिए:
- मां लक्ष्मी या देवी दुर्गा की पूजा करें।
- 'ॐ शुं शुक्राय नमः' मंत्र का जाप करें।
- सफेद वस्त्र धारण करें और इत्र का उपयोग करें।
- शुक्रवार को दही, चावल, चीनी या सफेद फूलों का दान करें।
- यह उपाय प्रेम संबंधों को मजबूत करता है और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि लाता है।
- मंगल ग्रह के लिए (यदि मंगल दोष हो):
- मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करें और 'हनुमान चालीसा' का पाठ करें।
- 'ॐ अं अंगारकाय नमः' मंत्र का जाप करें।
- मंगलवार को लाल मसूर दाल या लाल वस्त्र का दान करें।
- मंगलवार का व्रत रखें और नमक का सेवन न करें।
- यदि मंगल दोष अत्यधिक प्रभावी हो, तो विद्वान पंडित से 'मंगल शांति पूजा' करवाएं।
- यह उपाय मंगल दोष के नकारात्मक प्रभावों को कम कर विवाह में आने वाली बाधाओं को दूर करता है।
- शनि ग्रह के लिए:
- हर शनिवार को शनि मंदिर जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
- 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करें।
- शनिवार को काले तिल, उड़द दाल या सरसों के तेल का दान करें।
- पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं और उसकी परिक्रमा करें।
- यह उपाय विवाह में होने वाली अनावश्यक देरी और बाधाओं को कम करता है।
- सूर्य ग्रह के लिए (पिता की सहमति हेतु):
- प्रतिदिन सुबह सूर्योदय के समय तांबे के लोटे से सूर्य को जल अर्पित करें और 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें।
- 'आदित्य हृदय स्तोत्र' का पाठ करें।
- रविवार को गेहूं, गुड़ या लाल वस्त्र का दान करें।
- यह उपाय पिता की सहमति प्राप्त करने में मदद करता है।
- चंद्रमा ग्रह के लिए (माता की सहमति हेतु):
- प्रतिदिन भगवान शिव की पूजा करें और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें।
- सोमवार को चावल, दूध या सफेद वस्त्र का दान करें।
- यह उपाय माता की सहमति और भावनात्मक स्थिरता प्रदान करता है।
2. विशेष मंत्र और पूजा
- कात्यायनी देवी मंत्र (विशेषकर लड़कियों के लिए):
यह मंत्र प्रेम विवाह में सफलता और मनोवांछित पति की प्राप्ति के लिए बहुत प्रभावी माना जाता है।
मंत्र: 'ॐ कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरि। नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥'
इस मंत्र का प्रतिदिन 108 बार जाप करें, विशेषकर ब्रह्म मुहूर्त में या स्नान के बाद।
- भगवान कृष्ण की पूजा:
भगवान कृष्ण और राधा रानी का प्रेम अमर है। उनकी पूजा करने से प्रेम संबंधों में मधुरता आती है और विवाह के मार्ग में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
- राधा-कृष्ण मंदिर में दर्शन करें और उन्हें बांसुरी व मोरपंख अर्पित करें।
- 'ॐ क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजन वल्लभाय स्वाहा' मंत्र का जाप करें।
- गुरुवार को भगवान कृष्ण को तुलसी दल और मिश्री चढ़ाएं।
- गौरी शंकर पूजा:
भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह प्रेम और त्याग का प्रतीक है। उनकी संयुक्त पूजा प्रेम विवाह में सफलता और सामंजस्य के लिए अत्यंत लाभकारी है।
- शिव-पार्वती मंदिर में जाकर उन्हें जल, बेलपत्र, फूल और हल्दी-कुमकुम चढ़ाएं।
- 'हे गौरी शंकरार्धांगिनी यथा त्वं शंकरप्रिया। तथा मां कुरु कल्याणी कांतकांता सुदुर्लभाम्॥' मंत्र का जाप करें।
- सोमवार के दिन यह पूजा विशेष फलदायी होती है।
3. रत्न और ज्योतिषीय सलाह
- सही रत्न का चुनाव:
कुछ रत्न ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों को कम कर उनके सकारात्मक प्रभावों को बढ़ाते हैं। उदाहरण के लिए, कमजोर बृहस्पति के लिए पीला पुखराज, शुक्र के लिए हीरा या ओपल, और मंगल के लिए मूंगा। परंतु, रत्न कभी भी बिना किसी अनुभवी ज्योतिषी की सलाह के धारण न करें। आपकी कुंडली का गहन विश्लेषण करके ही सही रत्न और उसके धारण की विधि बताई जा सकती है, अन्यथा यह विपरीत प्रभाव भी डाल सकता है।
- कुंडली मिलान:
प्रेम विवाह में भी कुंडली मिलान का महत्व कम नहीं होता। यह केवल 'गुण मिलान' नहीं होता, बल्कि दोनों कुंडलियों में ग्रहों की स्थिति, दोषों और उनके समाधान का अध्ययन किया जाता है। इससे भविष्य में आने वाली समस्याओं का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है और उनके उपाय पहले ही किए जा सकते हैं।
4. वास्तु उपाय
घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखना भी विवाह में आने वाली बाधाओं को दूर करने में मदद करता है:
- अपने शयनकक्ष को उत्तर-पश्चिम दिशा में न रखें, क्योंकि यह दिशा अस्थिरता ला सकती है।
- घर में मृत या सूखे हुए फूल न रखें। ताजे फूल सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं।
- अपने कमरे में या घर में युगल पक्षियों (जैसे लव बर्ड्स) या राधा-कृष्ण की तस्वीर लगाएं, लेकिन एक ही तस्वीर हो, टूटी हुई न हो।
- अपने बेडरूम को अव्यवस्थित न रखें। साफ-सुथरा और व्यवस्थित कमरा सकारात्मकता बढ़ाता है।
- अपने कमरे में गुलाबी या हल्के रंग की चादरें और पर्दे इस्तेमाल करें।
5. व्यवहारिक और मानसिक उपाय
- धैर्य और विश्वास: ज्योतिषीय उपायों के साथ-साथ धैर्य और अपने रिश्ते पर विश्वास रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। हर समस्या का समाधान होता है।
- परिवार से संवाद: परिवार को अपने रिश्ते के बारे में धीरे-धीरे और प्यार से समझाएं। उन्हें बताएं कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं और उनका आशीर्वाद आपके लिए कितना मायने रखता है।
- रिश्ते को मजबूत बनाएं: अपने साथी के साथ संबंध को और मजबूत करें। एक-दूसरे का समर्थन करें और मुश्किल समय में एक-दूसरे के साथ खड़े रहें।
- सकारात्मक सोच: हमेशा सकारात्मक सोच रखें। ब्रह्मांड आपकी इच्छाओं को पूरा करने में मदद करेगा।
व्यक्तिगत कुंडली विश्लेषण का महत्व
प्रिय पाठकों, मैंने यहां जो भी जानकारी साझा की है, वह सामान्य ज्योतिषीय सिद्धांतों और अनुभवों पर आधारित है। हर व्यक्ति की कुंडली अद्वितीय होती है, और उसमें ग्रहों की स्थिति, भावों का प्रभाव, दशाएं और गोचर अलग-अलग होते हैं। इसलिए, किसी भी उपाय को शुरू करने से पहले या 2026 में अपने प्रेम विवाह के लिए सटीक शुभ मुहूर्त जानने के लिए, अपनी व्यक्तिगत कुंडली का विस्तृत विश्लेषण करवाना अत्यंत आवश्यक है।
एक अनुभवी ज्योतिषी के रूप में, मैं आपकी कुंडली का गहराई से अध्ययन करके निम्नलिखित में आपकी सहायता कर सकता हूं:
- आपकी कुंडली में प्रेम विवाह के योगों की पहचान करना।
- प्रेम विवाह में आने वाली विशिष्ट बाधाओं (ग्रह दोष, पितृ दोष, मंगल दोष आदि) का पता लगाना।
- आपके और आपके साथी के लिए सबसे शुभ विवाह मुहूर्त का निर्धारण करना।
- आपकी व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार सबसे प्रभावी और सटीक उपाय बताना।
- पारिवारिक सहमति प्राप्त करने के लिए विशेष मार्गदर्शन देना।
आप मुझसे abhisheksoni.in पर संपर्क कर सकते हैं और अपनी व्यक्तिगत कुंडली विश्लेषण के लिए अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं। मुझे खुशी होगी कि मैं आपके प्रेम को विवाह के अटूट बंधन में बदलने में आपकी मदद कर सकूं।
प्रेम एक सुंदर भावना है, और जब इसे विवाह का पवित्र बंधन मिलता है, तो जीवन स्वर्ग बन जाता है। ज्योतिष हमें इस यात्रा को सुगम और सफल बनाने का मार्ग दिखाता है। 2026 में आपका प्रेम विवाह अवश्य सफल हो, इसी कामना के साथ! शुभम भवतु!