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title: "12 भाव · वैदिक ज्योतिष"
url: "https://abhisheksoni.in/hi/learn/bhava"
language: "hi"
updated: "2026-10-26"
description: "वैदिक कुंडली के 12 भाव: तनु, धन, सहज, सुख, पुत्र, अरि, युवति, रन्ध्र, धर्म, कर्म, लाभ, व्यय।"
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# वैदिक कुंडली के 12 भाव

वैदिक कुंडली के 12 भाव: तनु, धन, सहज, सुख, पुत्र, अरि, युवति, रन्ध्र, धर्म, कर्म, लाभ, व्यय। केंद्र: 1, 4, 7, 10। त्रिकोण: 1, 5, 9। दुःस्थान: 6, 8, 12। उपचय: 3, 6, 10, 11।

- [पहला भाव (तनु)](/hi/learn/bhava/1): Tanu · तनु · शरीर, रूप, स्वभाव, ओज, शीर्ष
- [दूसरा भाव (धन)](/hi/learn/bhava/2): Dhana · धन · संचित धन, कुटुंब, वाणी, भोजन, दायाँ नेत्र
- [तीसरा भाव (सहज)](/hi/learn/bhava/3): Sahaja · सहज · छोटे भाई-बहन, साहस, लघु यात्रा, हाथ, संचार
- [चौथा भाव (सुख)](/hi/learn/bhava/4): Sukha · सुख · माता, गृह, भूमि, वाहन, शिक्षा, वक्ष
- [पाँचवाँ भाव (पुत्र)](/hi/learn/bhava/5): Putra · पुत्र · संतान, बुद्धि, पूर्व पुण्य, मंत्र, सट्टा
- [छठा भाव (अरि)](/hi/learn/bhava/6): Ari · अरि · शत्रु, रोग, ऋण, मुकदमा, सेवा, ननिहाल
- [सातवाँ भाव (युवति)](/hi/learn/bhava/7): Yuvati · युवति · जीवनसाथी, साझेदारी, व्यापार, जनसंपर्क, काम
- [आठवाँ भाव (रन्ध्र)](/hi/learn/bhava/8): Randhra · रन्ध्र · आयु, आकस्मिक घटना, गूढ़ विद्या, उत्तराधिकार, चिरकालिक रोग
- [नौवाँ भाव (धर्म)](/hi/learn/bhava/9): Dharma · धर्म · पिता, गुरु, धर्म, तीर्थ, उच्च शिक्षा, भाग्य
- [दसवाँ भाव (कर्म)](/hi/learn/bhava/10): Karma · कर्म · व्यवसाय, प्रतिष्ठा, अधिकार, सार्वजनिक स्थिति, कर्म
- [ग्यारहवाँ भाव (लाभ)](/hi/learn/bhava/11): Labha · लाभ · आय, लाभ, बड़े भाई-बहन, संपर्क, इच्छा पूर्ति
- [बारहवाँ भाव (व्यय)](/hi/learn/bhava/12): Vyaya · व्यय · व्यय, विदेश, एकांत, मोक्ष, शयन सुख, बायाँ नेत्र
