पंचांग
आज का पंचांग · नागपुर
| वार | सोमवार |
|---|---|
| तिथि | शुक्ल पूर्णिमा |
| नक्षत्र | अश्विनी |
| योग | वज्र |
| करण | बव |
| सूर्योदय | सुबह 6:14 |
| सूर्यास्त | शाम 5:42 |
| राहु काल | सुबह 7:39 से सुबह 9:05 तक |
| अभिजीत मुहूर्त | सुबह 11:34 से दोपहर 12:20 तक |
हर दिन नया पंचांग यहीं मिलेगा.
तिथि, नक्षत्र और योग की अवधि
| से | तक | |
|---|---|---|
| राशिमीन | 23 अक्टूबर, दोपहर 3:05 | 25 अक्टूबर, रात 7:23 |
| मेष (अभी) | 25 अक्टूबर, रात 7:23 | 27 अक्टूबर, रात 9:07 |
| वृषभ | 27 अक्टूबर, रात 9:07 | 29 अक्टूबर, रात 10:07 |
| तिथिशुक्ल चतुर्दशी | 24 अक्टूबर, दोपहर 1:38 | 25 अक्टूबर, सुबह 11:57 |
| शुक्ल पूर्णिमा | 25 अक्टूबर, सुबह 11:57 | सुबह 9:42 |
| कृष्ण प्रतिपदा (अभी) | सुबह 9:42 | 27 अक्टूबर, सुबह 7:03 |
| नक्षत्ररेवती | 24 अक्टूबर, रात 8:33 | 25 अक्टूबर, रात 7:23 |
| अश्विनी | 25 अक्टूबर, रात 7:23 | शाम 5:42 |
| भरणी (अभी) | शाम 5:42 | 27 अक्टूबर, दोपहर 3:40 |
| योगहर्षण | 24 अक्टूबर, रात 8:02 | 25 अक्टूबर, शाम 5:23 |
| वज्र | 25 अक्टूबर, शाम 5:23 | दोपहर 2:18 |
| सिद्धि (अभी) | दोपहर 2:18 | 27 अक्टूबर, सुबह 10:54 |
| करणविष्टि | 25 अक्टूबर, सुबह 11:57 | 25 अक्टूबर, रात 10:53 |
| बव | 25 अक्टूबर, रात 10:53 | सुबह 9:42 |
| बालव (अभी) | सुबह 9:42 | रात 8:25 |
पंचांग एक दिन का हिसाब है, वैसा जैसा आसमान ने उस दिन देखा। नाम में ही जवाब है। पंच यानी पाँच, अंग यानी हिस्से। ये पाँच हैं तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। और पाँचों एक ही चीज से निकलते हैं: उस दिन सूरज कहाँ खड़ा था और चाँद कहाँ, आपके शहर में, सूर्योदय के वक्त।
आखिरी बात पर ध्यान दीजिए, क्योंकि यही सबसे ज्यादा छूटती है। पंचांग जगह से बंधा होता है। नागपुर का सूर्योदय दिल्ली का सूर्योदय नहीं है। जो तिथि यहाँ सुबह पौने दस बजे बदल रही है, वह वहाँ किसी और वक्त बदलेगी। जिस पंचांग पर शहर लिखा ही नहीं है, वह किसी और की सुबह का पंचांग है।