पंचांग
आज का पंचांग · नागपुर
| वार | शुक्रवार |
|---|---|
| तिथि | कृष्ण चतुर्दशी |
| नक्षत्र | उत्तरा फाल्गुनी |
| योग | ब्रह्म |
| करण | विष्टि |
| सूर्योदय | सुबह 6:07 |
| सूर्यास्त | शाम 5:55 |
| राहु काल | सुबह 10:32 से दोपहर 12:00 तक |
| अभिजीत मुहूर्त | सुबह 11:37 से दोपहर 12:24 तक |
हर सुबह नया पंचांग यहीं मिलेगा.
तिथि, नक्षत्र और योग की अवधि
| से | तक | |
|---|---|---|
| राशिसिंह | 6 अक्टूबर, रात 10:18 | सुबह 3:19 |
| कन्या | सुबह 3:19 | 11 अक्टूबर, सुबह 10:05 |
| तुला | 11 अक्टूबर, सुबह 10:05 | 13 अक्टूबर, रात 7:13 |
| तिथिकृष्ण त्रयोदशी | 7 अक्टूबर, रात 11:18 | 8 अक्टूबर, रात 10:17 |
| कृष्ण चतुर्दशी | 8 अक्टूबर, रात 10:17 | रात 9:37 |
| कृष्ण अमावस्या | रात 9:37 | 10 अक्टूबर, रात 9:21 |
| नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी | 7 अक्टूबर, रात 9:41 | 8 अक्टूबर, रात 9:21 |
| उत्तरा फाल्गुनी | 8 अक्टूबर, रात 9:21 | रात 9:20 |
| हस्त | रात 9:20 | 10 अक्टूबर, रात 9:43 |
| योगशुक्ल | 8 अक्टूबर, सुबह 2:53 | सुबह 12:59 |
| ब्रह्म | सुबह 12:59 | रात 11:21 |
| इंद्र | रात 11:21 | 10 अक्टूबर, रात 10:03 |
| करणवणिज | 8 अक्टूबर, सुबह 10:45 | 8 अक्टूबर, रात 10:17 |
| विष्टि | 8 अक्टूबर, रात 10:17 | सुबह 9:54 |
| शकुनि | सुबह 9:54 | रात 9:37 |
पंचांग एक दिन का हिसाब है, वैसा जैसा आसमान ने उस दिन देखा। नाम में ही जवाब है। पंच यानी पाँच, अंग यानी हिस्से। ये पाँच हैं तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। और पाँचों एक ही चीज से निकलते हैं: उस दिन सूरज कहाँ खड़ा था और चाँद कहाँ, आपके शहर में, सूर्योदय के वक्त।
आखिरी बात पर ध्यान दीजिए, क्योंकि यही सबसे ज्यादा छूटती है। पंचांग जगह से बंधा होता है। नागपुर का सूर्योदय दिल्ली का सूर्योदय नहीं है। जो तिथि यहाँ सुबह पौने दस बजे बदल रही है, वह वहाँ किसी और वक्त बदलेगी। जिस पंचांग पर शहर लिखा ही नहीं है, वह किसी और की सुबह का पंचांग है।